"यूट्यूबर एल्विश यादव को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत, NDPS एक्ट में 10 साल तक हो सकती है जेल - youtuber elvish yadav sent to 14 days judicial custody snake venom case"

एल्विश यादव ने कबूला अपना जुर्म, कहा-हां करता था मैं पार्टियों में सांपों और जहर की सप्लाई

बिग बॉस फेम एल्विश यादव को लेकर एक बेहद चौंकाने वाली खबर सामने आयी हैं l नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस एक्ट-1985 यानी NDPS एक्ट के तहत एल्विश यादव को पुलिस ने हिरासत में ले लिया हैं l एल्विश को रविवार को उत्तर प्रदेश स्थित गौतमबुद्धनगर में एक अदालत ने 14 दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया है l कोर्ट के आदेश के बाद आरोपी को गौतमबुद्धनगर के जिला कारागार में भेजा गया l

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अभी एल्विश यादव ग्रेटर नोएडा जेल में बंद है l फिलहाल उसे क्वॉरेंटाइन बैरक में रखा गया है l एल्विश यादव की याचिका पर आज कोर्ट में सुनवाई नहीं हो सकी। वहीं दूसरी तरफ खबर है कि एल्विश ने अपना गुनाह कबूल लिया है। उसने कहा कि मैं पार्टियों में सांपों और उनके जहर की सप्लाई करता था।

क्या हैं पूरा मामला?

बता दें नोएडा पुलिस ने चार महीने पहले एक पार्टी में नशे के लिए सांप के जहर के संदिग्ध इस्तेमाल के मामले में यूट्यूबर एल्विश यादव को रविवार को गिरफ्तार कर लिया l अब खबर है कि पुलिस के सामने एल्विश ने अपना गुनाह कबूल लिया है। एल्विश यादव ने सांपों का जहर मंगवाने की बात कबूल कर ली है। एल्विश अन्य आरोपियों के संपर्क में था। वहीं दूसरी तरफ एल्विश की याचिका पर आज कोर्ट में सुनवाई नहीं हो सकी। क्योंकि नोएडा में वकीलों की हड़ताल है।

बता दें कि एल्विश यादव ने पुलिस जांच में यह स्वीकार किया है कि कुछ लोगों के संपर्क में था। वहीं पुलिस ने एल्विश की लोकेशन और सीडीआर भी दिखाई। रिपोर्ट्स की मानें तो पुलिस पूछताछ के दौरान एल्विश ने सांप और जहर की बात पर हामी भरते हुए कबूल लिया हैं l पुलिस के सवालों पर एल्विश उलझ गया। एल्विश पर नोएडा पुलिस ने 29 NDPS एक्ट लगाया है। इस मामले में आरोपी को कम से कम 20 साल की सजा की संभावना होती है। इस एक्ट में जमानत आसानी से नहीं मिलती है। फार्म हाउस में हुई पार्टी का ब्यौरा भी दिखाया।

इन धाराओं में दर्ज हुआ मामला

पुलिस के मुताबिक, मामला वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972, भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 120 बी (आपराधिक साजिश), 284 (जहर से संबंधित लापरवाही भरा आचरण) और 289 (जानवरों के संबंध में लापरवाही भरा आचरण) के प्रावधानों के तहत दर्ज किया गया था l

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *